New Income Tax Act 2025
April 03, 2026
मेरे अधिकांश रीडर या तो लॉ फील्ड्स से आते हैं या लॉ के प्रति जिज्ञासा रखने वाले लोग जो कानूनी बारीकियों में दिलचस्पी रखते हैं परंतु इस बार मैंने ऐसे सब्जेक्ट की सीरीज शुरू करने की सोची है जिसमें भारत के हर नौकरीपेशा वर्ग या व्यापारी वर्ग की बहुत जिज्ञासा रहती है। आप सभी को पता है भारत सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट को संपूर्ण रूप से बदल दिया है सरकार का दावा है पुराने एक्ट से नया एक्ट ज्यादा टैक्स पेयर फ्रेंडली और आसान भाषा में लिखा गया है जिससे लोग इसको आसानी से समझ सकें।
एज अ लीगल पर्सनैलिटी मेरी भी ये जिम्मेदारी है कि मैं सरकार के जनहित वाले कार्यों में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाऊं, अभी मैं वही जानकारियां दूंगा जो भारत सरकार के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी वेबसाइट पे भी साझा की है अगर मुझे कहीं लगेगा कि उसमें कोई तकनीकी शब्द है या आम आदमी को समझाने में कोई मुश्किल आ सकती है तो मैं उसका अपनी योग्यता अनुसार सरलीकरण भी करूंगा।
आगे मेरी योजना है कि मैं पुराने एक्ट की धाराओं को नए एक्ट की धाराओं से तुलना करूं और उसमें क्या मूलभूत अंतर आया है या दोनों एक्ट के न्याय दर्शन या ज्यूरिस्प्रूडेंस में क्या बदलाव हुआ है उसको समझाने की कोशिश करूं, एज अ प्रैक्टिसिंग एडवोकेट ये कार्य इतना आसान नहीं होगा क्योंकि समय की मर्यादा और न्यायिक कार्य की प्राथमिकता के कारण बीच-बीच में इसमें कुछ व्यवधान आ सकता है परंतु आप लोग की टिप्पणियां मेरा उत्साहवर्धन करेंगी और मैं ज्यादा समय दे के इस कार्य को पूरा करने की कोशिश करूंगा।
आगे भगवान हनुमान जी के आशीर्वाद और प्रेरणा से मैं आज हनुमान जयंती के शुभ अवसर पे इसका पहला भाग प्रस्तुत कर रहा हूं जो आईटी डिपार्टमेंट की वेबसाइट से ही लिया गया है।
Episode 1

Objective and scope of the New Act: The Income Tax Act, 2025 has been enacted to provide a streamlined, simplified, and modern tax code with reduced compliance burden, consolidated provisions, and clear definitions. Over six decades, the Income Tax Act, 1961 had accumulated numerous amendments, provisos, and explanations making it complex and difficult to navigate. The new Act aims to present the same tax policy in a more logical, accessible, and reader -friendly format.The Act further advances taxpayer centric approach by making compliance simpler,promoting ease of doing business, and aligning the Indian tax system with contemporary global standards.
(As IT dipartment website)

आयकर अधिनियम, 2025 को एक सुव्यवस्थित, सरलीकृत और आधुनिक कर संहिता प्रदान करने के उद्देश्य से अधिनियमित किया गया है, जिसका लक्ष्य अनुपालन भार को कम करना, प्रावधानों को समेकित करना और स्पष्ट परिभाषाएं निर्धारित करना है।
विगत छह दशकों में, आयकर अधिनियम, 1961 में अनगिनत संशोधनों, परंतुकों (provisos) और स्पष्टीकरणों का संचय हो गया था, जिससे यह अत्यंत जटिल और दुरूह हो गया था। इस नए अधिनियम का ध्येय समान कर नीति को अधिक तार्किक, सुलभ और पाठक-अनुकूल प्रारूप में प्रस्तुत करना है। यह अधिनियम अनुपालन प्रक्रिया को सुगम बनाकर, 'व्यापार करने में सुगमता' (Ease of Doing Business) को प्रोत्साहन देकर और भारतीय कर प्रणाली को समकालीन वैश्विक मानकों के अनुरूप संरेखित कर, करदाता-केंद्रित दृष्टिकोण को और अधिक सुदृढ़ करता है।

नए अधिनियम की आवश्यकता क्यों पड़ी?
विगत छह दशकों से प्रभावी आयकर अधिनियम, 1961 में समय-समय पर किए गए अनगिनत संशोधनों, परंतुकों (Provisos) और स्पष्टीकरणों (Explanations) का संचय हो गया था। इन निरंतर बदलावों के कारण मूल अधिनियम अत्यंत जटिल और दुरूह (Complex) हो गया था, जिससे सामान्य करदाताओं के लिए इसे समझना चुनौतीपूर्ण था।
मुख्य उद्देश्य (Key Objectives):
1. तार्किक संरचना: नए अधिनियम का ध्येय वर्तमान कर नीति को अधिक तार्किक और सुलभ प्रारूप में प्रस्तुत करना है।
2. करदाता-केंद्रित दृष्टिकोण: यह अधिनियम अनुपालन प्रक्रिया को सुगम बनाकर 'करदाता-केंद्रित' (Taxpayer Centric) व्यवस्था को सुदृढ़ करता है।
3. व्यापार में सुगमता: 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को प्रोत्साहन देना इस कानून की प्राथमिकता है।
4. वैश्विक मानक: भारतीय कर प्रणाली को समकालीन वैश्विक मानकों (Contemporary Global Standards) के अनुरूप संरेखित (Align) करना।
निष्कर्ष:
यह नया अधिनियम केवल एक विधायी परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह आधुनिक भारत की आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप एक पारदर्शी और सरल कर व्यवस्था की ओर बढ़ाया गया एक क्रांतिकारी कदम है।
Note : As an active member of the Bhartiya Bhasha Abhiyan, it is my sincere request that if anyone translates this blog into any language other than Hindi and English, it will be heartedly welcomed. My only humble request is that my name be mentioned at the bottom.

भारतीय भाषा अभियान का सक्रिय सदस्य होने के नाते मेरी प्रार्थना है कि यदि इस ब्लॉग का हिंदी और अंग्रेजी के अतिरिक्त किसी अन्य भारतीय भाषा में अनुवाद किया जाता है, तो उसका सहर्ष स्वागत है। मेरी बस एक विनम्र प्रार्थना है कि अनुवाद के नीचे मेरा नाम अंकित कर दिया जाए।"

अवनीश कुमार (अधिवक्ता)
उच्चतम न्यायालय,
9990960545

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